
रांची | झारखंड की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें 3 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई लगातार विवादित बयानबाजी और पार्टी लाइन से हटकर दिए गए बयानों को लेकर की गई है।
कांग्रेस की अनुशासन समिति ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पाया कि योगेंद्र साव द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ बार-बार की जा रही टिप्पणियां संगठन के नियमों के खिलाफ हैं। पार्टी का मानना है कि इस तरह के बयान न केवल अनुशासनहीनता को दर्शाते हैं, बल्कि इससे राज्य में चल रही गठबंधन सरकार की छवि भी प्रभावित होती है।
पार्टी ने अपने आधिकारिक रुख में स्पष्ट किया है कि संगठन की छवि और गठबंधन की साख के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि यदि कोई भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी या सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में कांग्रेस ने यह भी कहा कि हर छोटी-बड़ी घटना के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। झारखंड में वर्तमान में एक स्थिर और मजबूत गठबंधन सरकार काम कर रही है, और उसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
वहीं, योगेंद्र साव के घर में हुई घटना को लेकर भी चर्चा जारी है। पार्टी ने इस मामले में प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।







